कितना छोटा सा शब्द है केवल, अर्थ सागर सा विस्तार लिए
एकाग्रचित्त का संदेश है केवल, साधा जो इसे वो सफल हुए
ज्ञान का दीप जलाने को, अध्ययन ही मात्र तपस्या है
विचलित मन में न, सधे लक्ष्य, परिणाम सदा असफलता है
भोजन हो,प्रेम हो,भक्ति हो, चाहे कोई भी कर्म करें
एक अवसर में एक कर्म सधे, जो दिल दिमाग को नर्म करे
यह शब्द शक्ति का संचय कर, परिणाम सदा शुभ देता है
आलसी, भ्रमित इंसानों का, सारा दुर्गुण हर लेता है
यह शब्द मिटाए भंवर जाल, दिशाहीन संदेशों को
हो राह सुगम, वाधाविहीन, नाशे ये बुरे अंदेशों को
यह प्रेम बढ़ाए, भक्ति बढ़ाए, देश प्रेम का जज़्बा भी
केवल और केवल शब्द नहीं, इक कोशिश है और रुतबा भी
#केवल