देखा तो है सभी ने मिलते धरा - आकाश को , झितिज के अंतरिम छोर पर ,
सब्र रख अये जीव तू भी , मिलेगा तुझे भी फल सब्र और फसलों के मोड़ पर ।
देखो हवा ने - कैसा मचाया सोर है , जाने कब तक दूरियों को बनाना और है ।
लड़ रहे हैं , लड़ते रहेंगे ,जीवन की अंतरिम स्वास तक ,, सब्र ही है इक सहज रास्ता ,तभी तो घरों में रहना और है ।
Stay at home 🏘️ 🙏 🏡🙏
#अंतरिम