परिचय ...
मेरा परिचय तो
सिर्फ इतना है कि
मैं वह नहीं
बन पाया -
जिसे मैं रोज़ चाहता रहा
और जिसे बनने का
भरसक यत्न करता रहा
मैं तो बस
रह गया वही
जिसका नहीं किया
कुछ भी प्रयास
और
जो भरा था मेरे भीतर
जो भरा रहा मेरे भीतर
मेरा मैं बनकर
तनकर !
:- भुवन पांडे
#परिचय