क्या किस्मत है,
मातृभारती ने शब्द भी दिया तो 'दिल'
कैसे करे बया दिल की दास्तां
दिल है भी, तो उनके पास
और दिल की जगह पे है वो
उनके बारे में लिखे भी तो क्या
आज कल है वो हमसे खफा
उन्हें मनाए भी तो कैसे
उनसे बात करने की भी नही हमे रजा
कुछ गुफ्तगू गर करवा देते
तो बता देते हाल ए दिल बया
कोई गर मिलो उनसे तो बता देना
कभी मुड़ के देख भी ले हमारी ओर जरा
कहना ख्याल रखे हमारे दिल का
नाजुक सा है टूट न जाए जरा
आंच न आ पाए हमारे दिल को
वरना न दिल रहेगा न हमारा ये जहाँ(वो)
#Heart