जब तक आपने स्वयं सुना या देखा न हो किसी की बात पर आँख मूंद कर भरोसा नहीं कर सकते . एक मुंह से दूसरे मुंह तक बात डिस्टॉर्टेड कम्युनिकेशन के चलते बदल सकती है , जैसे
किसी ने कहा - आज वह अजमेर गयी है .
दूसरे ने कुछ और ही सुना और तीसरे से कहा " यार , आज वह मर गयी है ."
# Heard = सुना