मुझे मिटाना बहुत ही सरल है,
उतना ही सरल जितना कि अपने आंसुओं को पोछ लेना,
जितना कि एक कागज की कश्ती का पानी में घुल जाना,
चीनी का पानी में घुल जाना,
जो मिटने के बाद फिर कभी भी अपने अस्तित्व को प्राप्त नहीं कर पाते,
मुझे उतनी ही सरलता से मिटाया जा सकता है,,,,,