में हु एक मध्यम वर्गीय परिवार से,,,
ना हे बड़ा बंगला ,ना ही २ गाड़ी ,
किश्तों में हे जीते हम यु शान से ,,,,,
"में हु एक मध्यम वर्गीय परिवार से,,",
गरीब ,अमीर की फिक्र सब करे,
हमारी गिनती ना किसी काम से ,,,
"में हु एक मध्यम वर्गीय परिवार से,,,,"
अमीरो को हे नुकशान उनके नफे में,
गरीब हे लाचार ,वो नहीं कुछ कर सके हे,
पर हम क्या करे यहाँ ,हमारे किश्तों पे टिके संसार से ,,,
" में हु एक मध्यम वर्गीय परिवार से,,,,"
घर की किश्ते ,बाइक की किश्ते, या फिर स्कूटर के रखे कागज़ात ,
कहा से लाएंगे लॉकडाउन खुलते ये सारी मायाजाल,,,
गरीबो को न फिक्र कलकी,आज में वो जीते हे,
सरकार ने दिया राशन पानी, वो बिचारे पीते हे,
अमीरो का क्या हे वो ,गोदाम भर लाएंगे,
हम हे मध्यम वर्गीय हम तोह राशन भी कहासे लाएंगे!
बिजली के बिल और घर का वेरा ,
आएदिन ये दूध का खर्चा और परेशानिओ ने घेरा,
मांग नहीं कुछ सकते हम,चुप नहीं रह सकते हम,
ये लॉकडाउनमे तो गया में काम से ,
"में हु एक मध्यम वर्गीय परिवार से,,,,,"(निधि)