एक नन्ही, मासूम बेटी की मैं हूं मां,
नहीं सोचती राजकुमार सा दूल्हा
उसे ब्याह कर ले जाएगा,
उसे शिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाना,
उसके व्यक्तित्व को यूं तराशना,
दृढ़संकल्पी बनाना लक्ष्य है मेरा,
जो लड़ सके हर परिस्थिति से,
करे सदैव स्वाभिमान की रक्षा,
उसका जीवनसाथी जीवन पथ पर
सदैव दे सम्मान, समान अधिकार।
#दूल्हा