भुलाकर नियम दुनिया का, भुला बैठें हैं खुद को भी
भुलाना पड़ गया महंगा, हमें अब माफ़ कर देना
सबक ये याद रखेंगे, हमें अब माफ़ कर देना
अहम में अपने भूले हम, न छोड़ा एक भी कोना
निचोड़ा निर्दई होकर, दिखा न तेरा वो रोना
चेताया तुमने पहले भी, शत्रु अपना तुम बनो ना
थे अंधे लूट में तेरी, था अपना क्या बुरा होना
हवस थी सारी दुनिया में बजे डंका , दूजा न होना
हंसी ,तुम देख नादानी, इस तरह पागल बनो ना
किया हद पार हमने जो, कही तुम हमसे, समझो ना
ढिठाई बढ़ गई मेरी, रहा जब काट अपनी डाल
लगा मिटने वजूद मेरा, तो भृकुटी तन गई तेरी
आए औकात में हम सब, दिया सोटा कोरोना का
तबियत तेरी कुछ संभली, देख कर है सुकून आया
मिला धीरे जो झटका जोर का, अब कुछ तो होश आया
भुलाना पड़ गया महगा, हमें अब माफ़ कर देना
#भुलाना