हर पल हर लम्हा ये जहन में रहा करता है,
केहने को बहोत कुछ हो, मगर ये कभी अनकहा सा रहा करता हे,
बन के अश्क़, ये कभी आंखो से बेहता हे,
तो कभी मुस्कुराहट बन होठों पे रहा करता हे,
ना शब्दो से, ना सुन ने से समज मे आया करता हे,
ये तो इश्क़ हे जनाब, जो सिर्फ मेहसूस हुआ करता हे।
#महसूस