My Touching Poem..!!!
जीदगीं कल तक Elegant सी थी
आज सारे जहाँ को सज़ा-सी मिलीं
आज तक नफरत लाख मिली हमें
पर अब तक चाहत ही तो नहीं मिली
ज़िन्दगी तो जैसे तैसे बीततीं चली
पर ग़मों से अब तक राहत नहीं मिली
रब की महफ़िल में हमने हर मर्ज़ को
मिटते देखा ये वाइरस है कि नहीं मिटती
एक कोरोना अजीब मर्ज़ है कि हँसने
तक की भी हमें इजाज़त नहीं मिली
लगता है कि प्रभु की ओर कातिल
यह कोरोना की भी है तो मिलीभगत
वनाँ अरसा बीत चूका डरते डरते पर
अब तक इन्सानों को राहत नहीं मिलीं
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#Elegant