एक स्त्री चाहती हैं केवल प्रेम,
और इस प्रेम के अनेक रूप हैं।
एक बेटी चाहती हैं परिवार से निस्वार्थ स्नेह...
एक बहन चाहती हैं भाई का संपूर्ण सानिध्य....
एक पत्नी चाहती हैं पति से उसका सदैव समर्पण....
एक बहु चाहती हैं, ससुराल में उसका सम्मान....
एक मां चाहती हैं, बच्चों से केवल ममत्व....
इस स्नेह, सानिध्य, सम्मान के बदले में न्योछावर है स्त्री का सम्पूर्ण जीवन, उसके सपने....सारी ख्वाहिशें .... और उसकी अपनी आज़ादी।