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गरीबी और उसका वास्ता बचपन से है ,
उसे याद ही नहीं था वो कब से गरीब है
जब वो बहुत छोटा था बाप मर गया था
उसके बाद जब भी उसने माँ से कुछ मांगा
तब-तब उसकी माँ ने उसे बताया कि वो
गरीब है उसे खरीदने की उनकी औकात नहीं
फिर वो अमीरों के बच्चों को देख कर सोचता,
कि वो अमीर कैसे हैं ,और मैं गरीब क्यों हूँ ?
उसकी मां गरीब क्यों है , उसका बाप क्यों मरा?
माँ से उसने ये सवाल पूछा,तो जवाब कुछ यूं था
बेटा हमारी किस्मत ही ऐसी है,सब ईश्वर इच्छा है
फिर भी उसकी समझ मे नही आया कि ये
ईश्वर क्या चीज है,वो कौन है हमे गरीब बनाने वाला
इसी तरह सवालों में ज़िन्दगी के कुछ साल गुजरे
वो कुछ बड़ा हुआ तो मजदूरी करने जाने लगा
फिर भी जो सवाल दिल मे था ,वो वैसे ही था
एक दिन उसे एक साधु मिला ,साधु से उसने पूछा
हे साधु महाराज ! मैं गरीब क्यों पैदा हुआ ?
साधु महाराज ने कहा , सब कर्मों का फल है
पूर्व जन्म के जो तुम्हारे कर्म थे , वही तो वजह हैं
फिर उन्होंने कहा , एक बात बतलाता हूँ ',सुनो'
अब से कभी मत सोचना तुम गरीब क्यों जन्में ?
ये सच है ,'गरीब पैदा होना तुम्हारे बस में नही है '
लेकिन ये जरूरी तो नही कि तुम गरीब जन्मे हो
तो क्यों तुम मरो भी एक गरीब की तरह से ही
तुम मेहनत करो और अमीर बनो,मरो अमीर की तरह
तब से उसके समझ आया , गरीबी अब ओर नहीं
वो पैदा तो गरीब हुआ ,मरेगा अमीर बन कर ही
ओर इंसान कुछ सोचे और वो ना हो पाए
ऐसा कभी सम्भव ही नहीं , सब सवाल सुलझ गए
अब वो ईश्वर को दोष नही देता,गरीब होने के लिये
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