"हे नारी तुमको"बंदन" है"
तू रचना सबसे"सुंदर"है
इस भूतल की"सृष्टि"में
प्रथम तेरा"अभिनंदन"है
हे नारी**********
तू प्राकृति की"फुलवारी"है
तू बच्चे की"किलकारी"है
तू सिसकन है तू"सिहरन"है
तू प्रेम से भी"परिपूरन"है
फिर भी न तुझमे"अकड़न"है
हे नारी************
तुझमे है त्याग"तपस्या"भी
सत भी तेरा है"डिगा"नही
तुझसे मानव की"काया"है
घर घर मे तेरी"दाया"है
तू झूँठ के आगे"दर्पण"है
हे नारी************
तू राधा है तू"सीता"है
तू रुक्मिन जीजा"बाई"है
तू ही पद्ममा तू ही लक्ष्मी
तू शबरी अहिल्या"माई"है
हर जनम में"पावक"दर्शन है
हे नारी*************
- आशीष सिंह
#बनावट