संबंध से ही संबंध बनता है। जब संबंध ही न होगा संबंधित कहां से आएगा। संबंधित के वास्ते संबंध होना अति आवश्यक है। इससे संसार में सब एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। इस प्रकार सभी, सभी के संबंधों के कारण संबंधी बन गए। संबंध को तोड़ने वाले समाज के शत्रु कहलाते हैं। इनका चयन कर इनसे बचकर रहना अतिआवश्यक है।