महाराष्ट्र में साधु-संतों की निर्मम हत्या की कड़ी निंदा करता हूँ।
कैसा भारत बन गया है जिसमें एक निहत्थे इंसान को एक ग्रुप पीट पीट कर मार देता है और भीड़ खड़ी तमाशा देखती रहती है। ऐसा मुमकिन इसलिए हो पाया क्योंकि पूर्व में ऐसी कितनी ही मोब लिंचिंग की घटनाएं हुई जिसमें मरे ज़मीर वाले इंसानों को उस वहशीपन में मज़ा आता था और वो तमाशबीन बनके देखते थे और आनंदित होते थे।
ज़रा सोचिए...ये कैसा भारत बना दिया है लोगों ने।
नफरत की आंधी में झोंक दिया है पूरे देश को।
सच ही कहा है नवाज़ देवबन्दी साहब ने...
जलते घर को देखने वालों फूस का छप्पर आपका है
आपके पीछे तेज़ हवा है आगे मुकद्दर आपका है।।
उस के क़त्ल पे मैं भी चुप था मेरा नम्बर अब आया
मेरे क़त्ल पे आप भी चुप है अगला नम्बर आपका है।।
कृपया देश को टूटने से बचाइए और अपने अंदर के अहसासों को मरने मत दीजिये। यह देश प्रेम और भाईचारे से चलेगा🙏🙏🙏