गांव के छोटे-छोटे, बारहमासी जुआरियों, शराबियों से हाथ जोड़ कर विनती है कि कृपया जन धन में मिलने वाले ₹500 रुपये को अपने शौक में न उड़ाएं, कुछ दिन न पिएं। उन पैसों से कुछ दिन तक आपका घर आसानी से चल सकता है। आपके बच्चे और आपकी बीवी खुश रह सकती है आपका परिवार खुश रह सकता है। बाकी गांव के सामाजिक कार्यकर्ता भी राहत सामग्री पहुंचाने में मदद कर रहे हैं अगर आप इसी तरह पैसों का दुरुपयोग करते रहेंगे तो शायद ही कोई आपकी मदद के लिए आगे आये।
मित्रों! हालात बहुत बुरे हैं आप भी जानते हैं। और बुरे होते जाएंगे यह भी आप बखूबी जानते हैं इसलिए थोड़ा कंट्रोल करें जब तक यह कठिन समय गुज़र न जाय तब तक।🙏🙏🙏🙏🙏🙏