आप सभी को एस के मिश्रा का प्यार भरा नमस्कार और सुप्रभात
रोज की भांति आज भी कुछ विचार प्रस्तुत करने आया हु जो निर्भर है एक सब्द " साथी "पर
जिंदगी सिर्फ भागने का ही नाम नहीं हैं जो हम हर वक़्त भागते रहते है इस अर्थयुग में , जिंदगी तो जीने का नाम अर्थात यह एक ऐसी रास्ता है जिसपर आनंद लेते हुए कुछ शिखते हुए यात्रा करनी चाहिए |और जिंदगी जीने के लिए हमें साथी की जरूरत होती है एक ऐसा साथी जो गलत होने पर हमें गलत बताये जो हमारी गलतियों को हमें समझाये ,बचपन में हमारे भगवन अर्थात हमारे माता पिता ही साथी है सब कुछ है फिर आते है अध्यापक और फिर आती है हमारी जीवनसंगिनी
ये तीन हमारी जिन्दगी के सबसे अमूल्य तोहफे और साथी है भगवान द्वारा दिए गए|धन्यवाद
आपकी टिप्पड़ियों का इंतजार रहेगा
आपका अपना
एस के मिश्रा