# अनटोल्ड
अनकही रह जाती है ,सरकती है कोनों में ,तलाशती है जगह अपने छिपने की ,साँस लेने को आतुर बच्चे की तरह, दुबकती रहती है दमघोंटू सी स्थिति में, जिसे किसी ने खेल-खेल में बंद कर दिया हो,किसी संदूक ,अलमारी या किसी सुनसान जगह पर, अंत में डोरी से छुटी पतँग सी ,उड़ जाती है ,न जाने किस ओर, अपने साथ ले जाती है उड़ाकर ,वे सारे राज़ ---उड़ा देती है उन्हें अवकाशी पटल पर ----
# अनटोल्ड
अनकही रह जाती है ,सरकती है कोनों में ,
तलाशती है जगह अपने छिपने की ,
साँस लेने को आतुर बच्चे की तरह,
दुबकती रहती है दमघोंटू सी स्थिति में,
जिसे किसी ने खेल-खेल में बंद कर दिया हो,
किसी संदूक ,अलमारी या किसी सुनसान जगह पर,
अंत में डोरी से छुटी पतँग सी ,उड़ जाती है ,
न जाने किस ओर, अपने साथ ले जाती है उड़ाकर ,
वे सारे राज़ --
उड़ा देती है उन्हें अवकाशी पटल पर ----