My Praying Poem...!!!
ए प्रभु हे 👋 तो तुं
यही कही इर्दगिर्द हमारे दिखता क्यू नहीं
दिल में तो है ज़रूर आता समझ में नहीं
महसूस तो होता हैं तूं हर लम्हा हर पल
पर ए पालनहार हमें दिखता तूं क्यू नहीं
परखता है हर बंदे को उसकी करनीं के
तराज़ू ⚖️ में तोल, गुनाह बख्शता नही
माना हम ख़ता-वार गुनाहों का अंबार है
क़ायल तो है बंदे तेरी रहमत व जुर्मों पर
तुझे नापसंद हरकतों से बाज़ आते नहीं
पर ए ख़ालिक़ बेशक तूं नुक़्ता-नवाज़ है
जहाँ में कोई तो होगा तेरा चहेता एक बंदा
तेरे दरबारमें जिसकी दूआ रद्द होती नहीं
उस बंदेकी चाहतके सदके महान प्रभुजी
इस क़ातिल वबालको करता दूर क्यू नहीं
ए प्रभुजी निज़ात-ओ-राहत दे कोरोना से
कातिल वाइरसका काँटा बचता क्यू नहीं
तेरी दया हो तो कोरोनासे मरता कोई नहीं
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