सुप्रभात और प्यारा सा नमस्कार एस के की तरफ से रोज का भांति आज भी एक टॉपिक लेकर आये है और वो है जिन्दा या मुर्दा -क्या हर ज़िंदा व्यक्ति जिन्दा है ?
सुन ने में अजीब लग रहा है
लेकिन मेरा उत्तर इस से भी ज्यादा अजीब है !
मेरा उत्तर है नहीं !
जी हाँ नहीं !
अगर आपमें गलत को गलत कहने की हिम्मत नहीं है , अगर आपके सामने गलत हो रहा है तो आप उसका विरोध नहीं कर सकते है तो आप बिलकुल जिन्दा होते हुए भी मुर्दा है |क्युकी आप तो जिन्दा है लेकिन आपकी इंसानियत मर चुकी है
जिंदगी सिर्फ अपने लिए मत जीना कभी ,गलत को गलत और सही को सही हमेशा यही करे अब हम सभीबनेगा अब नया भारत और बुनियाद बनेगे हमसभी को एक सामान देखे और भारत को तरक्की के शिखर पर ले जाएगे हम |
लेखक और विचारक :
आपका अपना; एस के मिश्रा
(आपकी टिप्पड़ियों का इन्तजार रहेगा ,अपना बहुमूल्य समाय निकलकर अपने विचार मेरी पोस्ट पर जरूर व्यक्त करे )