**** दीये जला देना****
दीये जला देना,
यही कहा था न!
हाँ तो जला देना
दीये उन घरों में भी,
जहां के दीये बुझ चुके हैं।
जला देना दीये
उन घरों में भी,
जहां के दीये हिफाज़त कर रहे हैं
आपके, हमारे घर के दीयों की,
दीये जला देना।
जला देना दीये उनके लिए
जो खुद को जला कर
जला कर अपना तन मन धन
लगा कर अपनी ज़िंदगी दांव पर
ज़ंग लगे हथियारों के साथ
लड़ रहे हैं जंग
बिना ढाल के
बिना गोला बारूद के
सिर्फ हिम्मत से लड़ रहे हैं
उनके लिए दीये जला देना।
दीये उनके लिए भी जलाना
जो घूम रहे हैं गली गली
मोहल्ले मुहल्ले
ताकि सुरक्षित रहें हम सब
उनके लिए दीये जला देना।
जला देना दीये उनके लिए भी
मर चुके हैं जिनके ज़मीर
और जम चुकी है धूल
जिनके ज़हनों पर
उनके लिए भी जला देना
दीये जला देना।
दीये जला देना मगर
खुद को भी जलाए रखना
क्योंकि आप भी एक दीया हैं
अपने परिवार का
अपने समाज का
और अपने देश का।
- सिराज अंसारी