कविता ..
मैं छोटी चीटीं हूँ ,पर कभी हार नही मानती ।
हर बार गिरती पडती हूँ ,पर मंजिल पाती ।।
कोई ताकत मुझे ,आगे बढ़ने से नही रोकती ।
मैं मानव तुझे ,भी यह सुदंर संदेश देती ।।
कोरोना कोई आफत नही ,तू क्यूँ इतना धबराये ।
अपना कर्म कर ,वो डर कर खुद भाग जाये ।।
मैं बडे सांप को भी ,मिल कर धसीट लेती ।
बडी बडी विपदा ,को हिमंत से पार कर लेती ।।
मैं धरती में छेद कर ,कही भी चल देती ।
पर मानव मुझे ,अपने पैरो नीचे कुचलता ।।
मैं तो किसी का कभी ,कोई नुकसान नही करती ।
मानव तू बडा दिल लेकर ,भी इतना क्यूं धबराये ।।
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