#भावुकता
"भावुकता तब भयानकता बन जाती है,
इश्क़ के बीच जब दुनिया आ जाती है
कैसे जुदा कर पाएगी दुनिया उनको,
हिज्र में जिनको विसाल नजर आती है
वो परिंदे हे, आसमां हक्क है उनका
क्या होगा इन्सा,गर तुजसे जमीं छीन ली जाती है
अधूरी कभी नहीं रहती फिर उनकी कहानी
कभी हीर रांजा, शिरीन फरहाद कभी लैला मजनू बन जाती है । "
-mitesh