मैं एसा ही हूँ
अलफाजो पे मेरे गौर, मत कर तुं
मेरी तरह वोह भी, सीरफीरे रहे है
में तो दिल का साफ रहेता हर बार
तभी वो सच बोल दिया करते है
नकाब पहने फिर रही है ये दुनिया
मेंने तो वही बदसूरत चेहरा रखा है
प्यार के दो शब्द भी में सोच के बोलुं
जमाना उसे भी चासनी समझता है
बात मेरी थोड़ी कडवी, जहर सी लगे
जमाना सिर्फ खुबसुरती का दिवाना है
बिंदी पंचाल "बिंदीया"
वदोडरा