वो रातों की बातें,
वो सुहानी सी रातें,,,
वो साथ साथ घूमना,
वो खाने के लिए पूछना,,,
वो मिलने के लिए तड़पना,
वो एक दूजे में सिमटना,,,
हंसी, मजाक और ठिठोली,
वो प्यारी सी तोतली सी बोली,,,
वो करना एक दूसरे की कदर,
सुबह शाम दोनों ही पहर,,,
एक रहे अगर उदास, दूजा न मुस्कुराए,
वो रूठने पर एक दूजे को मनाए,,,
वो बातों बातों में लड़ना और झगड़ना,
वो आंसू बहते हुए तेरा सिसकना,,,
वो थाम कर उंगली सड़क पर चलना,
वो छोटी छोटी बातों की जिद करना,,,
अब न वो बातें रही न वो रातें,
बची है बस तेरी यादों की सौगातें...#D