#सवाल
ये होठों की कपकपाहट है, इन्हें सवाल बन कर उतर जाने दो।
मै टूटा हुआ सितारा हूं, जवाब बन कर बिखर जाने दो।।
ये तुम्हारी आंखों की गहराई बता रही है,
की सवालों के साये में रहते हो तुम।
सच तो ये है कि तुमने कभी अपना समझा ही नहीं,
इसलिये हर वक्त मुस्कुराये से रहते हो तुम।।
कहीं ऐसा न हो की, जब अपना कहो तो देर हो चुकी हो
आंखे बंद हो चुकी हों, सांस थम चुकी हो।
और आखिरी बार तेरा नाम लेकर धड़कन रुकी हो
इंतजार करते करते खुनों की रफ्तार भी जम चुकी हो।।
।। ज्योति प्रकाश राय ।।