जैसे रेत को मुट्ठी में नहीं ले सकते
वैसे आपकी खुशियों का कोई पैमाना
निर्धारित करना जैसे तारों की गणना
अपनी निजी खुशियों को खोजिए
कभी हाथ उठते हैं हैं ताली के लिए
शायद उनकी ख्वाहिश तमाचे भी होती है
यह निर्भर करता है आपकी निजी
जीवन जीने की शैली अनूठी है
कदम कदम पर कठिनाइयों से है भरी
#निजी