💐💐💐जी चाहता है💐💐💐💐
आज फिर तेरे साथ ,जीने को जी चाहता है
फिर तुझे अपना ,कहने को जी चाहता है
आज फिर तेरी निगाहों का ,नूर बनने को जी चाहता है
चाहता है दिल,रहूँ सदा तेरे दिल में
आज फिर तेरी धड़कन, बनने को जी चाहता है
भूल गए वो दिन,जो होते थे मुझसे शुरू
और मुझ पर ही खत्म,आज फिर वही दिन
जीने को जी चाहता है,बन जाऊं तेरे दिल की रानी
तुझे फिर से राजा ,बनाने को जी चाहता ह
डोलता था जिस तरह, तू मेरे गुले गुलशन में
आज तुझे फिर वही भौरा, बनाने को जी चाहता है
उड़ता था जिस तरह उन्मुक्त, तू मेरे दिल के गगन में
आज फिर तुझे वही परिदा, बनाने को जी चाहता है
करे तू फिर वही आशिक़ी, कि धड़क जाए दिल मेरा
आज फिर वही धड़कन ,सुनने को जी चाहता है
तेरे साथ जीने को ,जी चाहता है
आज फिर तुझे अपना कहने को ,जी चाहता हैं