#निजी
आज जब हर देश इस वायरस के संकट से जूझ रहा है तब भी पड़ोसी देश पाकिस्तान चल चल रहा है।
अपने देश की #निजी जनसंख्या में से वह कुछ अल्पसंख्यक हिन्दुओं को किसी भी प्रकार की सहायता देने से साफ इंकार कर रहा है।
तब मुझे अपने ही लिखे हुए कुछ शब्द बोलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
हम भी तो ज्ञान बांटते हैं, क्यूं ना उनको हम पहचाने ?
आखिर कब तक हम मित्र कहें? हरकत क्यूं ना हम जाने?
हम तो देते संदेश प्रेम का, क्या उन्हें नहीं लेना आता ?
या जिस संदेश को वो पहचाने, वो हमे नहीं देना आता ।।
यह वीर रस की कविता है। पूरा सुनने के लिए आप यू ट्यूब के चैनल meri bhasha meri shaily से देख और सुन सकते हैं। जिसे मैंने पुलवामा अटैक के लिए बनाया है।