समय निष्क्रिय नहीं होता, ईश्वर निष्क्रिय नहीं होते, सृष्टि निष्क्रिय नहीं होती, आत्मा निष्क्रिय नहीं होती।
हे मानव! तुम अपनी ज्ञानेन्द्रियों और कर्मेन्द्रियों को निष्क्रिय नहीं होने दो, अपनी बुद्धि व शक्ति को निष्क्रिय नहीं होने दो।
.... भूपेन्द्र कुमार दवे