प्यार का हिसाबा
तो खुदाने भी एतराज जताया
जीवन का आज हिसाब जो निकाला
कहा कैसा तूने किया हिसाबा !
अपने हिस्से में लिख के गमो का इजारा ।
क्यों किया उसके जीवन मे जानेका इरादा ।।
जानते हो न वो अब नही तुम्हारा ।
फिर क्यों भरोसा उस दिल पे आवारा ।।
खोला है मेने उसके मनका द्वारा ।
लिख ले रुलाएगा वह फिरसे दोबारा ।।
भावु जादव