#वो प्यार कर गई
#(गीत)
नज़रें मिला नज़र से दिल पे वार कर गई ।।
शुरूर-ए-इश्क़ बे ख़बर ख़ुमार कर गई ।।
वो प्यार कर गई ,
या दिल के पार कर गई ।।2।।
आकर मेरे ख़्वाबों में वो इक़रार कर गई ।
पेशे नज़र ओ अश्किया इनकार कर गई ।।
मुस्कुरा के वो बोली कि I Hate you जानू ,
अदा-ए-हुस्न नफ़्स बेक़रार कर गई ।।
वो प्यार कर गई ,
या दिल के पार कर गई ।।2।।
खिल खिल हुई गुलाब मेरे दिल की हर कली ,
ख़ुशबू से महकने लगी है प्यार की गली ।
अंगड़ाइयां लेने लगीं घटाएँ अर्श में ,
खिज़ां थी ज़िंदगी ओ नौबहार कर गई ।।
वो प्यार कर गई ,
या दिल के पार कर गई ।।2।।
बिजल की तरह आके ओ मुझसे लिपट गई ,
आँखें हया के वस्ल में खुद ही सिमट गईं ।
नाफ़िज़ हुई जमाल मेरी रूह तक गई ,
जफ़ा-ए-क़ल्ब कातिब-ए-निगार कर गई ।।
वो प्यार कर गई ,
या दिल के पार कर गई ।।2।।
ऐसा जुनून-ए-इश्क़ के बे कस बे ज़ार है ,
उसको जुस्तजू मेरी उसको भी प्यार है ।।
आशिक की इब्तिदा यही तस्लीम इश्क़ की ,
दानिस्ता मेरे दिल पे इख्तियार कर गई ।।
वो प्यार कर गई ,
या दिल के पार कर गई ।।2।।