Good शुभ संध्या वंदन *Good
* Evening
ब्रह्मदत्त त्यागी
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शुभ संध्या वंदन सुविचार सत्य
____वचन ब्रह्मदत्त त्यागी
बे बात ही इंसान कभी कर्म न
करने के लिए बातें बनाता है कभी
नसीब के ऊपर निर्भर रहता है तो
कभी वक्त आने के ऊपर निर्भर
रहता है कहता है कि जो नसीब में
होगा वह होगा वही मिलेगा... जो
वक्त करेगा वह करेगा... लेकिन जो
कर्मठ होते हैं वह वक्त और नसीब
के ऊपर नहीं अपनी क्षमता और
अपने विश्वास के ऊपर आगे बढ़ते
हैं... ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़।