शानदार शुरुआत हुई एक कहानी की,
दुल्हन की तरह सपनो को सजाया उसने.
पहले तो ठीक था, मगर कहानी का अंत बिगड गया,
टूटे सपने काच की तरह, मोती सा वो बिखर गया.
फूटी सी तकदीर मालूम था, पर खूदा पे भरोसा था,
पन्ना पलट दिया उसने, कहानी को आगे बढ़ाना था,
कभी तो शवेरा होगा, हर हाल में मंजिल को पाना था.