तुम थे पूरब हम पश्चिम,
तुम पुरवैय्या, हम गगन,
तुम विश्वास, हम लगन,
तुम हुये सूरज , हम किरण ,
हमारा प्यार #संरेखित ,
दो दिशाओं को,
मिलाता हो रहा एक ,
भावनाओं के तटबंध,
तरंगों से हुये समेकित ।
जीवन सरिता में प्यार की ,
तरंगिणी बहने लगी अविरल। ।
🌹शोभा शर्मा 🌹
#संरेखित