वैसे तो नदिया बह चुकी है
पर हमने एक आँसु बचा के रखा है
वैसे तो रात गुजर चुकी है
पर हमने एक ख्वाब बचा के रखा है
वैसे तो बाग जल चुका है पर हमने एक गुलाब बचा के रखा
है
वैसे तो प्यास बुझ चुकी है
पर हमने एक कतरा बचा के रखा
है
वैसे तो दिल टूट चुका है
पर हमने एक टुकड़ा बचा के
रखा है
-बेनाम