जहाँ मौजूद हु मैं ,
वहाँ से लापता है तू क्यों !!
जहाँ चलते है मेरे नाम के चर्चे ,
वहाँ खामोश है तू क्यों !!
तमाम इज़हार किये थे दिल ने ,
खुमारी दिखाई तूने क्यों !!
आज लापता हो गए है तेरी महफ़िल से हम ,
तो तेरे लब पर ये शिकायत क्यों !!
महफ़िल में तेरी ...,
हम ना रहे जो , गम तो नही है !!