#सुनो
सुनो! याद है तुम्हें,वो शाम सुहानी
वो मंद बयार,वो बहता दरिया का पानी
सुनो! याद है तुम्हें,वो पंछियों का शोर
वो डूबते सूरज की मद्धिम लाली
सुनो! याद है तुम्हें, उसी शांत फिज़ा में
आंखों ही आंखों में शुरू हुई थी
तेरे मेरे धड़कते दो दिलों के
एक होने की खूबसूरत सी प्रेमकहानी।
सरोज ✍️