तुम अपने एकांत से, लौकिक भाषा में कहें तब अपनी 'तन्हाई' से भागकर यदि किसी सम्बन्ध में गये तब स्वयं को और भी अधिक तन्हा पाओगे क्योंकि तुम्हारे भीतर की इस रिक्तता को यह जगत कदाचित भर न सकेगा और जिस छण तुम स्वयं के साथ संतुष्ट हो गये तब संसार का कोई भी संबंध तुमको बाधा न बन सकेगा...
#Freedom