" आंखें"
कुदरत ने ये आंखें भी कमाल की दी है
कितना भी गम या खुशी को छुपाओ
आंखें हैं कि इजहार कर ही लेती है
हमें लगता है हम सब कुछ छुपा देंगे
मगर यह आंखें हैं कि सब कुछ बयां कर देती है
कुदरत ने आंखें भी कमाल की दी है
जो हमारे लब नहीं कह सकते वह सारी बातें यह आखे कह देती है कुदरत ने यह आंखें भी कमाल की दी है
बिंदु अनुराग