ईश्वर के पास
ईश्वर के पास
बहुत बड़ी कहानियाँ नहीं होती
छोटे से आख्यानों में
वह रहता है,
जैसे क्षणभर श्लोकों में
पूजा की पंक्तियों में,
सांसें भर देता है।
वह कुछ देर गरीबी में
कुछ देर खुशी में,
कुछ देर युद्ध में
कुछ देर शान्ति में,
बिता लेता है।
वह हराता भी है
जीताता भी है,
पर अपनी गहराई
किसी से नहीं नपवाता है।
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*महेश रौतेला