My New Poem for The Brave Soldiers ...!!!
पश्चिमी संस्कृति के ढकोसले
में डूबी आँजकी युवा पीढ़ी
यहाँ फूलों 💐 के गुच्छे देकर
इज़हार-ए-प्यार जताते रहे
वहां 44 वीर जान न्योछावर कर
देश को ही क़र्ज़दार कर गए
पुण्य-पाप की सीमा के पार पहुँच
पुण्यतिथि पहली आ गई
घर की विधवाओं-बच्चों से पुँछे
कोई कि क्या हाल है उनके
✍️🌲🌺🥀🙏🙏🙏🥀🌺🌲✍️