है सफर यह जिंदगी ,बुलबुले सी चाहत युंही
टुटकर बीखर जाना, ख्वाइश दिल में युंही
सजाते है रंगीन सपने, अपनी उम्मीद युंही
ख्वाब खयाल में , बह जाती जिंदगी युंही
टुटते है जुडते रिस्ते , कच्चे धागों के युंही
जज्बात में अश्को की, बाढ बढती है युंही
दर्द होना लाजिमी है , जख्म दने वालो युंही
मरहमी कोई जज्बाती भी मिल जाता है युंही
मिलकर बीछड जाए ,को इ मिलता भी युंही
मुसाफिर है जिंदगी , मुसाफिरखाना में युंही