यह दिल है अल्लड किसी की नहीं सुनता
अपने ही बारे में यह सोचता
न जाने यह है क्यों बेफिक्रा
न जाने यह है क्यों दीवाना
जब भी कहे दिमाग कि थोड़ा रुक ठहर जा
दिल है की तेजी से दौड़ने लगता है
जब भी कहे दिमाग के देख सुन फिर कुछ कर
पर दिल है कि न देखे न सुने बस अपनी ही मनमानी करें
बिंदु अनुराग ०४/०२/२०