My New Poem ...!!!
मनसा....!!!
हर प्यादाइस के वक़्त लड़के की मनसा
लड़का आनेपे इज़हार-ए-ख़ुशी मनसा
तोतली काली बोली तक ऑचल मनसा
लड़खड़ाती चाल पर पाना काबु मनसा
बचपन की दहलीज़ पर खिलौने मनसा
हुआ जब किताबों का सामना ज्ञान मनसा
पकड़-दाव लखौटी खौं खेल में जीत मनसा
छीलें पैरों से साइक्लिंग क़ाबू पाना मनसा
जवानीकी दहलीज़ पर नैन-मटकका मनसा
कोलेज़ की दिवारोंके बीच डींग हांक मनसा
बिन्दासत अल्हड़ बेबाक़ मस्ती यारी मनसा
बहती पलों से फ़िक्र-ए-पदवी पाना मनसा
पहुँचे इन्टर्नशिपके पल्ले नौकरी खुद मनसा
ब्याह के नुक्कड़ पर है अच्छी बीबी मनसा
जहां से शरु की सफ़र, नई औलाद मनसा
जीवन-फल सफ़ल जब चक्र ख़त्म मनसा
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