My New Poem ....!!!!
हयात से हया का दामन
मानौ आज छुटा जा रहा है
निज़ात से नियत का दामन
मानौ आज छुटा जा रहा है
परवाज़ से परिंदे का दामन
मानौ आज छुटा जा रहा है
हालात से हस्ती का दामन
मानौ आज छुटा जा रहा है
बे-परदगीं से लाज का दामन
मानौ आज छुटा जा रहा है
भँवर से कुँवारेपन का दामन
मानौ आज छुटा जा रहा है
इन्सानियतसे शर्मसारका दामन
मानौ आज छुटा जा रहा है
रस्मौ से रुँहानियत का दामन
मानौ आज छुटा जा रहा है
सिक्का-ए-चलन है इमानका
मिज़ान आज हर आन बान शान
मानौ आज छुटा जा रहा है..!!