My Emotional Poem...!!!!
सो गए बच्चे गरीब के ये सुनकर
ख्वाब मे फ़रिश्ते आते है रोटिया लेकर
एक ग़रीब माँ भी सौ गई थक हार के
ख़ाली बरतनमें पानी उबाल
जूठाँ दिलासा
”खाना बननेका”अपने ही खुन
अपने ही लालको देते देते
अजब है तेरी खुदाई अय
मालिक दी किसीको
बेइंतेहा गदाई तौ कीसी
काँसेमें जग-हँसाई..!