Hindi Quote in Poem by Rajesh Maheshwari

Poem quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

गुमनाम

हे पथिक।
तुम किस पथ पर बढ रहे
जिसका ना जाने कहाँ है अंत
अपना वक्त क्यों बर्बाद कर रहे
कांटों से आच्छादित इस राह में
फूल हैं कम
पथिक ने कहा
इन कांटों से
नही है मित्रता मेरी
फिर भी ये मुझे
फूलों के समान दिख रहे
कठिनाईयों एवं परेषानियों के
इस पथ पर चलते हुए
अपनी मंजिल की ओर बढ रहा।
इसके परिवर्तन की चाह में
स्वयं को समर्पित कर रहा
ताकि तुम कभी
इस पथ पर चलो तो
तुम्हें षूल के चुभने का नही,
फूल की कोमलता का हो अहसास
विषभरे पथ पर भीे
कर सको अमृत का अहसास
हृदय में महसूस हो प्रेम का भाव
ऐसे पथ पर चलता देख
लोग समझते है पागल
पर जब वे बनते है एक दिन महान
और उन्हें ना समझने वाले
हो जाते है अंधेरो में गुमनाम।

Hindi Poem by Rajesh Maheshwari : 111307527
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now