नदिया किनारे , वो हवाएं मुझे पुकारे
जिसे छोड़ आई थी मैं किसी और के सहारे ।
वो माझी मुझे पुकारे , की आकर उसकी नैय्या कोई संभाले
जो भंवर में फंसी है , उसे कौन निकाले ।
वह पंछी मुझे पुकारे , घरौंदे उनके टूटने से कोई बचाए
जो नदिया किनारे बहे जा रहे हैं
लहरों के बहाने ।